राजस्थान सेवा नियम के अन्तर्गत आकस्मिक अवकाश को अवकाश की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि उपरोक्त अवकाश के दौरान राज्य कर्मचारी द्वारा कर्तव्य वेतन आहरित किया जाता है।इसलिए, तकनीकी रूप से आकस्मिक अवकाश पर रहने वाले सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य से अनुपस्थित नहीं माना जाता है और उसका वेतन नहीं काटा जाता है।
हालाँकि, आकस्मिक अवकाश इस प्रकार नहीं दिया जाना चाहिए जिससे कि निम्नलिखित से संबंधित नियमों का उल्लंघन (बचाव) हो:-
(i) वेतन और भत्तों की गणना की तिथि
(ii) कार्यालय का प्रभार
(iii) अवकाश का प्रारंभ और समाप्ति (ग्रीष्मावकाश के अलावा हर प्रकार के अवकाश/राजपत्रित अवकाश के साथ आकस्मिक अवकाश देय है )
(iv) ड्यूटी पर वापसी
स्पष्टीकरण
➥ राजस्थान सेवा नियम, खंड II के परिशिष्ट I के भाग III के अनुसार आकस्मिक अवकाश पर रहने वाला व्यक्ति ड्यूटी पर ही माना जाता है और, इसलिए, आकस्मिक अवकाश प्रदान करना पूर्णतः स्वीकृति प्रदान करने वाले प्राधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है। इसलिए यह जरुरी नहीं है कि मांगा गया आकस्मिक अवकाश हमेशा स्वीकृत ही होगा। यदि स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी को लगता है कि राजकीय कार्य प्रभावित होगा, तो वह आकस्मिक अवकाश को अस्वीकार कर सकता है। जिस सरकारी कर्मचारी का आकस्मिक अवकाश का आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया हो और जो ड्यूटी पर उपस्थित न हो, वह जानबूझकर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का दोषी होगा। ऐसी जानबूझकर अनुपस्थिति सेवा में व्यवधान मानी जाती है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व सेवाओं की जब्ती के साथ-साथ दुराचार भी माना जाएगा।
वित्त विभाग के ज्ञापन संख्या F. 1(44) FD (Exp-Rules)/64, दिनांक 22.5.1965 द्वारा सम्मिलित।
राजस्थान सरकार के निर्देश
➥1. राजस्थान सेवा नियम, खंड-II के परिशिष्ट I के अनुभाग-III 'आकस्मिक अवकाश' में दिए गए 'स्पष्टीकरण' के अनुसार, एक सरकारी कर्मचारी को ऐसे अवकाश का उपभोग करने से पूर्व आकस्मिक अवकाश की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक है।
राज्य कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश का उपभोग करने से पूर्व अपवाद स्वरुप परिस्थितियों (बीमारी, अस्पताल में उपस्थिति, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए) के अलावा ऐसे अवकाश की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक है परन्तु कभी-कभी सरकारी कर्मचारी को स्वयं की या अपने परिवार के सदस्यों अथवा रिश्तेदारों की बीमारी के कारण या अपने नियंत्रण से बाहर किसी कारण से आकस्मिक अवकाश की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करने में वास्तविक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अत: स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी ऐसे मामलों में सहानुभूतिपूर्वक विचार कर ऐसे अवसरों जैसे बीमारी, अस्पताल में उपस्थिति, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आकस्मिक अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान कर सकते हैं, भले ही कर्मचारी द्वारा इसके लिए पूर्व स्वीकृति प्राप्त न की गई हो।
राजस्थान सेवा नियम, 1951, खण्ड द्वितीय के परिशिष्ट-1 के अनुभाग III आकस्मिक अवकाश में दिये गए स्पष्टीकरण के अनुसार किसी राज्य कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश का उपभोग करने से पूर्व अपवाद स्वरूप परिस्थितियों के अतिरिक्त ऐसे अवकाश की पूर्व स्वीकृती प्राप्त करना आवश्यक होता है। इसी प्रकार राजस्थान सेवा नियम, 1951 के नियम 86 में प्रावधान है कि एक कर्मचारी बिना अवकाश अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसके आवेदित अवकाश को स्वीकृत करने से पूर्व ही अपने पद / कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहता है तो उसे "कर्तव्य से जानबूझकर अनुपस्थित रहा" माना जावेगा और ऐसी अनुपस्थिति को सेवा में व्यवधान मानते हुये पिछले सेवाकाल को जब्त किया जा सकेगा जब तक संतोषप्रद कारण बताने पर उक्त अनुपस्थिति को अवकाश स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी द्वारा उसे देय अवकाश स्वीकृत कर नियमित नहीं कर दिया जाता है अथवा असाधारण अवकाशों में परिवर्तित नहीं कर दिया जाता है।
2. (क) इस पैरा के खंड (ख) में दिए गए प्रावधान के अलावा, सरकारी कर्मचारियों को स्वीकार्य आकस्मिक अवकाश की अधिकतम अवधि एक वर्ष में 15 दिन होगी, जो किसी एक समय में 10 दिनों की सीमा के अधीन होगी।
(ख) (i) पुलिस विभाग के उप-निरीक्षकों, सहायक उप-निरीक्षकों, हेड कांस्टेबलों और कांस्टेबलों को स्वीकार्य आकस्मिक अवकाश की अधिकतम अवधि 01.01.1979 से एक वर्ष में 25 दिन होगी, जो किसी एक समय में 10 दिनों की सीमा के अधीन होगी।
(ख) (ii) नागरिक सुरक्षा संगठन की अग्निशमन सेवाओं के कर्मचारियों को स्वीकार्य आकस्मिक अवकाश की अधिकतम अवधि 01.01.1980 से एक वर्ष में 25 दिन होगी, जो किसी एक समय में 10 दिनों की सीमा के अधीन होगी।
(ख) (i) पुलिस विभाग के उप-निरीक्षकों, सहायक उप-निरीक्षकों, हेड कांस्टेबलों और कांस्टेबलों को स्वीकार्य आकस्मिक अवकाश की अधिकतम अवधि 01.01.1979 से एक वर्ष में 25 दिन होगी, जो किसी एक समय में 10 दिनों की सीमा के अधीन होगी।
(ख) (ii) नागरिक सुरक्षा संगठन की अग्निशमन सेवाओं के कर्मचारियों को स्वीकार्य आकस्मिक अवकाश की अधिकतम अवधि 01.01.1980 से एक वर्ष में 25 दिन होगी, जो किसी एक समय में 10 दिनों की सीमा के अधीन होगी।
(ख) (iii)
1. राजस्थान सेवा नियम (R.S.R.) खण्ड–II के परिशिष्ट–I के “Section III – Casual Leave” के अनुसार, सरकारी कर्मचारी को एक दिन या उससे अधिक अवधि के लिए आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) लेने की अनुमति है, परंतु एक बार में अधिकतम 10 दिन तक ही अवकाश लिया जा सकता है
2. यदि कोई सरकारी कर्मचारी आधे दिन के आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन करता है तो उसे आधे दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जा सकता है।
3. पूर्वाह्न सत्र में 'आधा दिन' दोपहर के भोजन के समय तक की अवधि माना जाएगा और दोपहर में इसमें दोपहर के भोजन की अवधि शामिल होगी, अपरान्ह पूर्व सत्र के लिए यह समय 2.00 बजे तक मान्य होगा तथा अपरान्ह पश्चात् के लिए आकस्मिक अवकाश का समय 1.30 बजे प्रारम्भ होगा एवं प्रातः कालीन कार्य दिवस में विभाजन का समय प्रातः 10.00 बजे का मान्य किया जावेगा।
2. यदि कोई सरकारी कर्मचारी आधे दिन के आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन करता है तो उसे आधे दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जा सकता है।
3. पूर्वाह्न सत्र में 'आधा दिन' दोपहर के भोजन के समय तक की अवधि माना जाएगा और दोपहर में इसमें दोपहर के भोजन की अवधि शामिल होगी, अपरान्ह पूर्व सत्र के लिए यह समय 2.00 बजे तक मान्य होगा तथा अपरान्ह पश्चात् के लिए आकस्मिक अवकाश का समय 1.30 बजे प्रारम्भ होगा एवं प्रातः कालीन कार्य दिवस में विभाजन का समय प्रातः 10.00 बजे का मान्य किया जावेगा।
➥ अवकाश कालीन विभाग जैसे राजकीय विद्यालयों में कार्यरत शैक्षिक कर्मचारियों हेतु आकस्मिक अवकाश की गणना 01 जुलाई से 30 जून तक एंव मंत्रालयिक कर्मचारियों हेतु आकस्मिक अवकाश की गणना 01 जनवरी से 31 दिसम्बर तक की जायेगी।
➥ एक वर्ष के आकस्मिक अवकाश को अगले वर्ष के आकस्मिक अवकाश के साथ संयोजित करने की अनुमति है । लेकिन दोनों वर्षों की Casual Leave मिलाकर एक बार में अधिकतम 10 कार्य दिवस ही हो सकते हैं।
➥आकस्मिक अवकाश हेतु आवेदन पत्र जिसमें अवकाश के दौरान ठहरने का पता एंव मोबाईल नम्बर अंकित हो।
➥ राजस्थान सेवा नियम, खंड-II के परिशिष्ट-I के भाग-III “आकस्मिक अवकाश (Casual Leave)” में दिए गए राजस्थान सरकार के निर्णय संख्या 3 के अनुसार, रविवार, राजपत्रित अवकाश तथा साप्ताहिक अवकाश, जो आकस्मिक अवकाश की अवधि से ठीक पहले आते हैं या उसके अंत में आते हैं, उन्हें आकस्मिक अवकाश के साथ जोड़ा (Prefix/Suffix) जा सकता है। जो रविवार, राजपत्रित अवकाश या साप्ताहिक अवकाश आकस्मिक अवकाश की अवधि के बीच में आते हैं, उन्हें आकस्मिक अवकाश का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
➥ जब कोई कर्मचारी अवकाश विभाग से गैर-अवकाश विभाग में या गैर-अवकाश विभाग से अवकाश विभाग में स्थानांतरित होता है, तो उसका पहले का आकस्मिक अवकाश खाता समाप्त (लैप्स) हो जाएगा।
हालांकि, जिस विभाग में उसका स्थानांतरण हुआ है, उस विभाग में स्थानांतरण वाले वर्ष के लिए वह निम्न मात्रा में आकस्मिक अवकाश पाने का हकदार होगा:
(क) यदि उस विभाग में उसकी सेवा अवधि 3 महीने या उससे कम है — तो अधिकतम 3 दिन
(ख) यदि उस विभाग में उसकी सेवा अवधि 3 महीने से अधिक है — तो अधिकतम 7 दिन
➥ आकस्मिक अवकाश को अवकाशकाल के साथ जोड़कर या उसके तुरंत बाद/पहले जारी रखते हुए नहीं दिया जा सकता।
➥ आकस्मिक अवकाश का सेवा पुस्तिका में किसी भी प्रकार का इंद्राज नहीं किया जाता है केवल दैनिक उपस्थिति पंजिका में ही इनकी प्रविष्टि की जाती है।➥ कोई व्यक्ति वर्ष के दौरान सेवा में शामिल होता है, तो उसे 15 दिन के आकस्मिक अवकाश का पूरा कोटा प्रदान नहीं किया जा सकता। सरकारी कर्मचारियों को सामान्य नियमों के अधीन निम्नलिखित तरीके से आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाना चाहिए:-
(क) 3 महीने या उससे कम की सेवा के लिए 5 दिन तक
(ख) तीन महीने से अधिक किन्तु छह महीने से कम की सेवा के लिए 10 दिन तक और
(ग) छह महीने से अधिक की सेवा के लिए 15 दिन तक।
➥ वर्ष के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी के संबंध में, सामान्य नियमों के अधीन नीचे दी गई सीमा तक आकस्मिक अवकाश देय होगा:- (01.01.2002 से )
(क) सेवानिवृत्ति के वर्ष में 3 माह या उससे कम की सेवा के लिए 5 दिन तक;
(ख) सेवानिवृत्ति के वर्ष में 3 माह से अधिक किन्तु 6 माह तक की सेवा के लिए 10 दिन तक और
(ग) सेवानिवृत्ति के वर्ष में 6 माह से अधिक की सेवा के लिए 15 दिन तक।
राजस्थान सेवा नियम, खंड-II के परिशिष्ट-I के भाग-III-A.
अवकाश के बदले क्षतिपूर्ति (आकस्मिक) अवकाश (Compensation Casual Leave)
1. रविवार तथा अन्य राजपत्रित छुट्टियों के दिन कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने पर, मंत्रालयिक सवर्ग के किसी कर्मचारी को उतने दिनों का प्रतिपूरक (आकस्मिक) अवकाश दिया जाना उचित है, जितने दिनों के लिए उसे कार्यालय में उपस्थित होने के लिए बाध्य किया गया हो।
लेकिन यदि ऐसी उपस्थिति कर्मचारी पर दंड के रूप में लगाई गई हो, तो उसके लिए प्रतिपूरक अवकाश देय नहीं होगा।
इस निर्देश के अंतर्गत अर्जित प्रतिपूरक (आकस्मिक) अवकाश, वर्ष में सामान्यतः देय 15 दिनों के आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त होगा।
2. इस अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश का लाभ प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि ऐसी उपस्थिति प्रभारी राजपत्रित अधिकारी के पूर्व लिखित आदेश के आधार पर हो। आदेश में प्रभारी अधिकारी को स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करना होगा कि कार्यालय में उपस्थिति ‘अनिवार्य (Compulsory)’ है या नहीं
3. वास्तव में अर्जित प्रतिपूरक (आकस्मिक) अवकाश, संबंधित सरकारी कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसके लिए वही शर्तें लागू होंगी, जो आकस्मिक अवकाश प्रदान करने के लिए निर्धारित हैं।
क्षतिपूर्ति आकस्मिक अवकाश को आकस्मिक अवकाश की श्रेणी में रखा गया है एंव क्षतिपूर्ति आकस्मिक अवकाश रविवार या अन्य राजपत्रिक अवकाशों पर मंत्रालयिक कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थिति देने के एवज में देय होता है।नोट: उपरोक्त निर्देश के बदले, रविवार या अन्य अवकाश पर उपस्थिति के लिए वाहन शुल्क या अतिरिक्त पारिश्रमिक का कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उपर्युक्त आदेश 01.01.1964 से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर भी लागू होगा।
1. यह अवकाश केवल मंत्रालियक कर्मचारी (सहायक ग्रेड- प्रथम / द्वितिय / सहायक कार्यालय अधीक्षक आदि पदों को देय होता है ।
2. अध्यापक या अन्य पद पर कार्यरत किसी भी कर्मचारी/अधिकारी क क्षतिपूर्ति अवकाश देय नही होगा ।
3. क्षतिपूर्ति अवकाश किसी भी राजपत्रित अवकाश दिवस में किये गये कार्य के बदले में देय होगा ।
4. फिक्स वेतन पर कार्य करने वाले कार्मिक को उसके आकस्मिक अवकाश के बराबर देय होगा । (एक वर्ष मे 12 दिन से अधिक देय नहीं)
5. क्षतिपूर्ति अवकाश का एक साथ उपयोग निरन्तर 10 दिवस तक किया जा सकता है।
6. क्षतिपूर्ति अवकाश को आकस्मिक अवकाश की श्रेणी में रखा गया है।
7. क्षतिपूर्ति अवकाश का हिसाब 01 जनवरी से 31 दिसम्बर तक रहेगा।
8. क्षतिपूर्ति अवकाश सेवा पुस्तिका में आने वाले किसी अवकाश के साथ में नही लिया जा सकता है यह केवल आकस्मिक अवकाश के साथ उपयोग में लिया जा सकता है ।
9. क्षतिपूर्ति अवकाश का उपभोग उसी वर्ष के भीतर करना अनिवार्य है अन्यथा यह अवकाश आकस्मिक अवकाश की भाँति लैप्स माना जाएगा।
10. क्षतिपूर्ति अवकाश की लिमिट 15 दिवस है जितने राजपत्रित अवकाश के दिन मंत्रालयिक कार्मिक कार्य करेगा उतने दिनो का ही उसे मिलेगा।
11. यह अवकाश आधे दिन के लिए उपभोग नही किया जा सकता है।
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